रविवार, 6 दिसंबर 2009


बाबरी मस्जिद - 6-Dec-1992


6-December-1992
तुझ  से महरूमी का ग़म सदयौं रूलाए गा मगर
अपने दीवानों को जीने का हुन्र देकर गयी !!!

6 टिप्‍पणियां:

मादर-ए-वतन ने कहा…

इस्लाम ज़िन्दा होता है हर कर्बला के बाद.......

मादर-ए-वतन ने कहा…

तुझ से महरूमी का ग़म सदयौं रूलाए गा मगर
अपने दीवानों को जीने का हुन्र देकर गयी !!!

सब्र का दामन थामें.......अल्लाह निगेहबान है.......

राज भाटिय़ा ने कहा…

अब क्या कहे, यह राजनीति हमे ओर देश को कहां ले जा रही है ........

guddu ने कहा…

Kis babri maszid ki baat karte ho bhaai babar jaise aatank waadi aakar hindustan me aatank machate hai hatyaye karte hai hai hum hinduo ka mandir tod kar maszid banate hai aise logo ko to nanga karke pichwade me aag laga deni chahiye

guddu ने कहा…

babar jaise aatank waadi ne aakar mandir tod kar masjid banaya hum hindustaniyo ne babari masjid to kar babar ka moo kaala kar diya aage dhyaan rahe uske jaise kamino ko desh me naa ghusane diya jaye.

Hyderabadi ने कहा…

guddu साहब , याद रहे के आदमी का लब-ओ-लहजा बता देता है के उसने कैसी तरबियत हासिल की है ?
और लगता है आप ने indian history भी शाइद अच्छी तरह पढ़ी नहीं है